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BarCodes क्या है और कैसे work करते है



BarCodes क्या है और कैसे work करते है -







आपने हर कही कोई भी प्रोडक्ट हो उस पर बार कोड जरुर देखा होगा . वेसे तो उपर से आपको केवल इसमें काले रंग की लाइन्स और 0 से 9 तक में numbers ही दिखाई देते है लेकिन हमने कभी इस की प्रोसेसिंग पर ध्यान ही नहीं दिया की एक्चुअल में ये work कैसे करता है . हम किसी भी शॉप पर जाते है तो दुकानदार प्रोडक्ट पर बने बार कोड को बार कोड स्कैनर से स्कैन करता है और आटोमेटिक फॉर्म में प्रोडक्ट की प्राइज और other info प्रिंट हो जाती है .

Why we use Bar codes -

कोई भी कंपनी अपने प्रोडक्ट पर बार कोड इसलिए लगाती है क्योकि इसे वो 1 ट्रैकिंग सिस्टम की तरह यूज करते है . कंपनी के सभी प्रोडक्ट उनके स्टोर से निकलने से पहले बार कोड स्कैनर से स्कैन किया जाता है जिससे कंपनी को अपने प्रोडक्ट की सेल रेट का पता चलता है और ये पता चलता है की कितने number of products अभी सेल हो चुके है और कितने बाकी है .

बार कोड सिस्टम का main part क्या है  -

Central Database System - कंपनी अपने सभी प्रोडक्ट की जानकारी अपने सेंट्रल डेटाबेस में save करके रखती है और सभी का स्टोर से निकलने से पहले सकें होना जरुरी होता है  . जैसे की अब तक कितने number of products सेल हो गए है (जो प्रोडक्ट स्कैन हो गए मतलब की वो सेल हो गए है ) , प्रोडक्ट प्राइज और स्टॉक में कितने available है कितने बिक चुके है की इनफार्मेशन कंपनी के कंप्यूटर में save रहती है .अगर कंपनी ऑनलाइन शौपिंग भी देती है तो प्रोडक्ट बिकने से पहले अगर प्राइज कम या ज्यादा करना चाहे तो केवल अपने कंप्यूटर में saved इन्फो को change करना पड़ता है जिससे अब यदि दुकानदार उस प्रोडक्ट के बार कोड को स्कैन करता है तो उसे नयी अपडेटेड इन्फो मिलती है .

बार कोड में क्या क्या इन्फो save रहती है -इसमें mainly 3 तरह की इन्फो save रहती है .
1. About Country - कहा से ये प्रोडक्ट issue हुआ है .
2. About Manufacturer .
3. About itself - मतलब की कोनसा प्रोडक्ट की अपनी सारी डिटेल .

How bar code works - 
अब सबसे important बात तो ये है आखिर बार कोड स्कैन होता कैसे है . स्कैनर को इस पर छापी हुई लाइन्स से प्रोडक्ट की इनफार्मेशन कैसे पता चल जाती है , वैसे तो process काफी typical होता है इसलिए short में बात करते है . तो इसका answer है - 0 and 1 .




बार कोड के अन्दर सभी लाइन्स किसी न किसी number को represent करती है . में आपको कुछ स्टेप्स में बताता हु -
1. जब स्कैनर से बार कोड स्कैन करना होता है तो इस पर LED या laser light डाली जाती है . जिससे की               reflected light की मदद से इनफार्मेशन चेक होती है . अगर लाइन ब्लैक हो तो light रिफ्लेक्ट नहीं होती है         और white लाइन है तो light रिफ्लेक्ट होती है .
2. अब अगर स्कैनर को ब्लैक लाइन लाइन मिले तो 1 और White लाइन मिले तो 0 समझता है जो की Binary     में होते है , जैसे की 1 मतलब ON और 0 मतलब की OFF .
3. अब बार कोड में हर लाइन की width अलग अलग होती है जो किसी particular number 0 से 9 को बताती है .
4. स्कैनर इस कोड को कंप्यूटर में send कर देता है और उस बाइनरी number को इनफार्मेशन में बदल देता है .     ये बिलकुल वेसे ही काम करता है जैसे की 1 कंप्यूटर क्योकि कंप्यूटर भी केवल binary language ही                 समझता है और फिर user language में कन्वर्ट करता है .I hope ये जानकारी आपको पसंद आई है और अगर आप इसमें कुछ और भी बताना चाहते है तो कमेंट में लिखकर बताइये ताकि सभी को इसके बारे में पता चल सके .
धन्यवाद .

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